जिंदगी जिंदगी के बाद तो नहीं
खुशी, ये खुशी तेरे जाने के बाद तो नहीं
माना सितारे अमावस की रात भी रहते हैं रौशन
मगर चाँदनी, चाँद के बाद तो नहीं

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इजाजत-ए-इश्क़

इजाजत नही है ऐ दिल! तुमको
यूँ आँख चुराने की
तड़प-तड़प जाने की
बूँदें बरसाने की…

है नहीं इजाजत तुमको
ख़्वाब सजाने की
बहक-बहक जाने की
इश्क़ लड़ाने की…

है नहीं इजाजत तुमको
आहें भर जाने की
अल्फाज सजाने की
कोई गीत गाने की…

है नहीं इजाजत तुमको मेरी
नींद उड़ाने की
चैन चुराने की
आशिक बन जाने की…
 # आनन्द

आज भीग जाने दो मुझे.

आज भर बरस जाने दो मुझे
आज भर भीग जाने दो मुझे
न सुलाओ इस मधुर रात में
रात भर जाग जाने दो मुझे
न जाने ये चाँद फिर कब जमीं पे उतरे
न जाने फिर कब आँचल में खुद को छुपाये
न जाने फिर कब ये समां सजे कोई
न जाने फिर कब दिल को आग लगाये
तो फिर
इस आग में जल जाने दो मुझे
धुआँ धुआँ हो जाने दो मुझे
न सुलाओ इस मधुर रात में
रात भर जाग जाने दो मुझे।

आनन्द

कर के देखो…

सफलता की महफ़िल हर दिन सजेगी
ख्वाबों को हकीकत में आजमा कर तो देखो

हार कर जीतना, जीत कर हारना सबमें है खुशी
ये हार औ’ जीत कभी अपना कर तो देखो

आंखों से आँसू न छलकेंगे कभी फिर
बेवजह कभी बूँदें बरसा कर तो देखो

किस्मत है तुम्हारी जो जी चाहे सो लिखो
कभी मेहनत की कलम उठा कर तो देखो

नफ़रतें दुनियाँ में बहुत होगी लेकिन
कभी प्रेम का दीपक जला कर तो देखो।

#आनन्द

जिंदगी बितानी पड़ती है…

जिंदगी यूँ ही नहीं सजती सजानी पड़ती है
बात यूँ ही नहीं बनती बनानी पड़ती है

यूँ ही नहीं चलता राज सभी के दिलों पर
जज़्बातों को मिल्कियत बनानी पड़ती है

कब तक जलोगे नफरतों की आग में जालिम
ये वो आग है जो बुझती नहीं बुझानी पड़ती है

आज तक हमने उसूलों से सौदा नही किया
पर कुछ सोने के लिए कुछ नींदें उड़ानी पड़ती है

रात कटती है अब करवटें बदलते
न जाने किसका डर है, शमां बुझानी पड़ती है

कब तक रहोगे गुमशुदा भरी महफ़िल में भला
लोगों को पहचान बतलानी पड़ती है

माना तुम बिन कुछ भाता नहीं है दिल को
पर इस बेदर्द दुनियाँ को हँसी दिखानी पड़ती है।

#आनन्द

एक अरसा हो गया है हमारी मुलाकात को
तेरी चाहत है कि अब भी मिटती नहीं

टूट गये होंगे मेरे वो सारे भरम
तेरी चाहत की कसम है कि टूटती नहीं

तू ने तो बुझा दी होगी अरमानो के दीये
तुझ संग होली के रंग अब भी छूटते नहीं

जो सजा रखे थे हमने आंखों ही आँखों में
वो ख्वाब तेरी आँखों में अब दिखते नहीं..

#आनन्द

 

मेरी चाहतें …

है चाहत तुम्हें अपना बनाने की
तुम संग
तेरे खलिस रूह से इश्क़ लड़ाने की

है चाहत तू सदियों रु ब रु बैठी रहे
तकते रहें तुमको
न हो जरूरत पलकें झुकाने की

है चाहत न तुमसे दूर जाने की
गर हो फासले
दूरियों के लम्हें अश्रुओं से भिगाने की

है चाहत खुद को तेरा बना दूं मैं
और
ना हो मुझे चाहत जमाने की

बस जाए तेरा नाम मेरे लबों पर
गुन गुनाऊँ ऐसे
न हो चाहत कोई गीत गाने की
#आनन्द